डॉ. जितेश कुमार सिंह
महंत, पर्यावरणविद्, समाजसेवी, आयुर्वेद-प्रशिक्षित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यकर्ता, संगठनकर्ता एवं फिल्म निर्माता
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष – सुरभि जन कल्याण एवं विकास संस्थान
जंगलिश्वर धाम, रामगढ़ा–कठवारा, बक्शी का तालाब, लखनऊ
“प्रकृति, अध्यात्म, स्वास्थ्य और समाज सेवा—इन चार आधारों पर स्वस्थ एवं संस्कारित भारत का निर्माण।”
परिचय
डॉ. जितेश कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के समाजसेवी, पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता, आयुर्वेद-प्रशिक्षित स्वास्थ्य जागरूकता कार्यकर्ता, धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजक, संगठनकर्ता और फिल्म निर्माता हैं। वे जंगलिश्वर धाम से जुड़े धार्मिक, पर्यावरणीय तथा जनकल्याणकारी कार्यों के साथ-साथ सुरभि जन कल्याण एवं विकास संस्थान के माध्यम से समाज सेवा, पौधरोपण, स्वास्थ्य जागरूकता, युवा सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं।
उनका कार्यक्षेत्र केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। शिक्षा और शोध से लेकर निर्माण व्यवसाय, आयुर्वेद प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण, औषधीय पौधों के संवर्धन, सामाजिक संगठन, मीडिया और फिल्म निर्माण तक उनकी यात्रा बहुआयामी रही है।
उनकी दृष्टि में स्वास्थ्य, प्रकृति और आध्यात्मिकता एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसी सोच के अंतर्गत वे प्राकृतिक वातावरण, औषधीय वनस्पतियों, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सेवा को एक साझा जनकल्याणकारी मंच पर लाने का प्रयास करते हैं।
संक्षिप्त परिचय
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | डॉ. जितेश कुमार सिंह |
| जन्मतिथि | 1 फरवरी 1980 |
| जन्मस्थान | प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश |
| शिक्षा | जयनारायण इंटर कॉलेज, लखनऊ; उच्च शिक्षा – लखनऊ विश्वविद्यालय |
| शोध क्षेत्र | उत्तर भारत का प्राचीन इतिहास |
| विशेष प्रशिक्षण | लगभग तीन वर्ष का आयुर्वेद प्रशिक्षण, हल्द्वानी |
| प्रमुख कार्यक्षेत्र | समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, पौधरोपण, सांस्कृतिक एवं धार्मिक संरक्षण |
| प्रमुख संस्था | सुरभि जन कल्याण एवं विकास संस्थान |
| धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र | जंगलिश्वर धाम |
| युवा संगठन | भारत शक्ति युवा संगठन |
| सामाजिक मंच | रक्षक सेना / रक्षक आर्मी मंच |
| पत्रिका | रक्षक प्रहरी |
| फिल्म निर्माण संस्था | J Star Films |
| प्रमुख फिल्म परियोजनाएँ | हरी शबनम, वंश वीरू |
| धारावाहिक | भाभीजी स्माइल |
| मुख्य दृष्टि | स्वस्थ, हरित, जागरूक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त भारत |
जन्म एवं प्रारंभिक जीवन
डॉ. जितेश कुमार सिंह का जन्म 1 फरवरी 1980 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ। उनका प्रारंभिक जीवन पारिवारिक संस्कारों, भारतीय परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के वातावरण में बीता।
बाल्यकाल से ही उनमें इतिहास, समाज, प्रकृति और जनजीवन को समझने की रुचि रही। आगे चलकर यही रुचि उनके शैक्षणिक अध्ययन, सामाजिक कार्यों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण की आधारशिला बनी।
शिक्षा एवं शोध
उनकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र लखनऊ रहा। उन्होंने जयनारायण इंटर कॉलेज, लखनऊ से इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा प्राप्त की और बाद में लखनऊ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण की।
इतिहास में गहरी रुचि होने के कारण उन्होंने उत्तर भारत के प्राचीन इतिहास से संबंधित विषय पर शोध किया। इतिहास और भारतीय सभ्यता के अध्ययन ने उन्हें भारतीय परंपराओं, धार्मिक संस्कृति, प्राचीन ज्ञान, प्रकृति और सामाजिक संरचनाओं को समझने का व्यापक दृष्टिकोण दिया।
यही कारण है कि उनके वर्तमान सामाजिक कार्यों में आधुनिक जनकल्याण के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और प्रकृति संरक्षण को विशेष स्थान मिलता है।
व्यावसायिक जीवन
उच्च शिक्षा के बाद डॉ. जितेश कुमार सिंह ने निर्माण और ठेकेदारी के क्षेत्र में व्यावसायिक जीवन की शुरुआत की।
उनके अनुभवों में शामिल रहे:
-
सड़क निर्माण से संबंधित कार्य
-
एटीएम केंद्रों से जुड़ा आधारभूत निर्माण
-
मेट्रो परियोजनाओं से संबंधित कार्य
-
सामान्य निर्माण एवं ठेकेदारी
-
रेलवे कैंटीन संचालन
इन क्षेत्रों में कार्य करते हुए उन्होंने परियोजना प्रबंधन, टीम नेतृत्व, श्रमिक समन्वय, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसंपर्क का व्यावहारिक अनुभव अर्जित किया।
आयुर्वेद और प्राकृतिक स्वास्थ्य की ओर यात्रा
समाज में बढ़ती जीवनशैली संबंधी समस्याओं और स्वास्थ्य चुनौतियों को देखकर उनकी रुचि आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली की ओर बढ़ी।
उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक आयुर्वेद विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में लगभग तीन वर्षों तक आयुर्वेद का प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्होंने औषधीय पौधों, जीवनशैली, आहार-विहार, प्राकृतिक स्वास्थ्य और रोग-निवारक जागरूकता से जुड़े विषयों का अध्ययन किया।
इस अनुभव ने उनकी सोच को और व्यापक बनाया। उनके अनुसार स्वस्थ जीवन केवल दवाओं से नहीं, बल्कि—
-
स्वच्छ वायु,
-
शुद्ध जल,
-
संतुलित भोजन,
-
प्राकृतिक वातावरण,
-
औषधीय पौधे,
-
अनुशासित जीवनशैली,
-
मानसिक शांति
से भी जुड़ा हुआ है।
जंगलिश्वर धाम
डॉ. जितेश कुमार सिंह के धार्मिक, पर्यावरणीय और सामाजिक कार्यों का प्रमुख केंद्र जंगलिश्वर धाम है, जो रामगढ़ा, कठवारा, बक्शी का तालाब, लखनऊ क्षेत्र में गोमती नदी के तट के निकट स्थित बताया जाता है।
यह स्थान शिव उपासना, प्राकृतिक वातावरण, धार्मिक आयोजनों और जनजागरूकता गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
डॉ. सिंह के मार्गदर्शन में धाम परिसर को केवल एक पूजा-स्थल तक सीमित न रखकर इसे प्रकृति, अध्यात्म और स्वास्थ्य जागरूकता के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया है।
नवग्रह, 27 नक्षत्र और दुर्लभ वनस्पतियों की परिकल्पना
जंगलिश्वर धाम परिसर में डॉ. जितेश कुमार सिंह द्वारा नवग्रह और 27 नक्षत्रों से प्रतीकात्मक रूप से जुड़े पौधों तथा विभिन्न दुर्लभ और औषधीय प्रजातियों को विकसित करने की पहल की गई है।
इसका उद्देश्य धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ लोगों में वृक्षों, औषधीय पौधों और जैव विविधता के प्रति रुचि बढ़ाना है।
धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को प्राकृतिक वातावरण में कुछ समय बिताने, पौधों को जानने और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझने के लिए प्रेरित किया जाता है।
ऐसी धार्मिक मान्यताओं को डॉ. सिंह पर्यावरण जागरूकता से जोड़कर प्रस्तुत करते हैं, ताकि श्रद्धा के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुँचे।
अष्टधातु शिवलिंग एवं धार्मिक आस्था
जंगलिश्वर धाम में अष्टधातु शिवलिंग की पूजा-अर्चना और अभिषेक किया जाता है। श्रद्धालु अभिषेक जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
धाम से जुड़ी विभिन्न आस्थाओं और स्थानीय मान्यताओं में शिव कृपा, प्राकृतिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष उल्लेख मिलता है।
ऐसे स्वास्थ्य-संबंधी लाभों को धार्मिक आस्था एवं पारंपरिक मान्यताओं के रूप में देखा जाना चाहिए; किसी गंभीर बीमारी के उपचार में चिकित्सकीय सलाह और प्रमाणित चिकित्सा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
औषधीय पौधों एवं जड़ी-बूटियों का संरक्षण
जंगलिश्वर धाम के आसपास मौजूद वनस्पति और औषधीय पौधों को संरक्षित एवं विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
डॉ. सिंह का प्रयास है कि लोगों को—
-
जड़ी-बूटियों की पहचान,
-
औषधीय पौधों का महत्व,
-
स्थानीय प्रजातियों की रक्षा,
-
प्राकृतिक वातावरण का संरक्षण
जैसे विषयों के प्रति जागरूक बनाया जाए।
उनकी दृष्टि में धार्मिक स्थलों के आसपास औषधीय और स्थानीय वनस्पतियों का संरक्षण पर्यावरण और जनजागरूकता दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है।
गोमती आरती
धाम में आयोजित गोमती आरती धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह आयोजन श्रद्धालुओं को नदी, जल और प्रकृति के प्रति श्रद्धा एवं संरक्षण की भावना से जोड़ता है। डॉ. सिंह का प्रयास है कि नदी पूजा के साथ-साथ जल प्रदूषण रोकने और नदियों को स्वच्छ रखने का संदेश भी लोगों तक पहुँचे।
सावन के धार्मिक आयोजन
सावन के महीने में जंगलिश्वर धाम में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इनमें प्रमुख रूप से:
-
नियमित रुद्राभिषेक
-
शिव पूजन
-
सोमवार विशेष अनुष्ठान
-
भक्तों द्वारा पार्थिव शिवलिंग निर्माण
-
सामूहिक पूजा एवं अभिषेक
शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सावन के सोमवार को बड़ी संख्या में पार्थिव शिवलिंग तैयार कर सामूहिक रुद्राभिषेक आयोजित करने की परंपरा भी विकसित की गई है।
सर्वरोगहर सार्वजनिक गणेशोत्सव
जंगलिश्वर धाम का एक प्रमुख आयोजन है—
सर्वरोगहर सार्वजनिक गणेशोत्सव
यह आयोजन धार्मिक आस्था, पर्यावरण जागरूकता और प्राकृतिक जीवनशैली को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना पर आधारित है।
वर्ष 2026 के आयोजन के लिए जारी आमंत्रण के अनुसार, कार्यक्रम 14 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम में गणेश पूजा के साथ—
-
जड़ी-बूटियों से युक्त हवन,
-
पारंपरिक भजन,
-
आरती,
-
योग एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता,
-
एक्यूप्रेशर आधारित गतिविधियाँ,
-
सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम
जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है।
इस आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक शांति, सामाजिक सहभागिता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
धार्मिक आस्था और जनस्वास्थ्य का समन्वय
डॉ. जितेश कुमार सिंह की कार्यशैली की एक विशेषता यह है कि वे धार्मिक आयोजनों को केवल पूजा तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य, पौधरोपण, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का प्रयास करते हैं।
उनका मानना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को यदि स्वच्छता, पर्यावरण, औषधीय पौधों, योग, प्राकृतिक जीवनशैली और जल संरक्षण का संदेश दिया जाए, तो इसका प्रभाव बड़ी आबादी तक पहुँच सकता है।
सुरभि जन कल्याण एवं विकास संस्थान
डॉ. सिंह के सामाजिक कार्यों का प्रमुख माध्यम सुरभि जन कल्याण एवं विकास संस्थान है।
संस्था के कार्यक्षेत्रों में शामिल हैं:
-
पौधरोपण
-
पर्यावरण संरक्षण
-
स्वास्थ्य जागरूकता
-
शिक्षा
-
महिला सशक्तीकरण
-
कौशल विकास
-
स्वच्छता
-
ग्रामीण विकास
-
नशामुक्ति जागरूकता
-
जरूरतमंदों की सहायता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संस्था ने बड़े स्तर पर पौधरोपण एवं लगाए गए पौधों के संरक्षण की दिशा में कार्य किया है।
डॉ. सिंह का जोर केवल पौधे लगाने पर नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखने और वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करने पर है।
पर्यावरण संरक्षण का मिशन
उनका मानना है कि मनुष्य के स्वास्थ्य को पर्यावरण से अलग करके नहीं देखा जा सकता।
उनकी पर्यावरण संबंधी प्राथमिकताओं में शामिल हैं:
-
अधिक से अधिक वृक्षारोपण
-
स्थानीय एवं औषधीय पौधों का संरक्षण
-
नदी एवं तालाबों की सुरक्षा
-
जल संरक्षण
-
हरित क्षेत्रों का विकास
-
जैव विविधता की रक्षा
-
युवाओं को पर्यावरण अभियानों से जोड़ना
-
धार्मिक स्थलों पर हरित परिसर विकसित करना
उनका संदेश है कि पेड़ों की रक्षा, जल की रक्षा और प्रकृति की रक्षा ही दीर्घकालीन मानव स्वास्थ्य की रक्षा है।
भारत शक्ति युवा संगठन
युवाओं को आगे लाने और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने के उद्देश्य से डॉ. सिंह भारत शक्ति युवा संगठन से जुड़े हैं।
संगठन का उद्देश्य है:
-
युवा प्रतिभा की पहचान
-
नेतृत्व क्षमता का विकास
-
पर्यावरण जागरूकता
-
सामाजिक सेवा
-
कौशल एवं रोजगार जागरूकता
-
राष्ट्रहित की भावना
-
अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी
उनका मानना है कि गांवों और छोटे शहरों के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है; आवश्यकता केवल उचित मंच और दिशा की है।
रक्षक सेना एवं रक्षक आर्मी मंच
डॉ. जितेश कुमार सिंह से जुड़ी सामाजिक अवधारणाओं में रक्षक सेना का विचार भी शामिल है।
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर लोगों को अपने—
-
गांव,
-
मंदिर,
-
जलस्रोत,
-
पेड़-पौधे,
-
महिलाओं,
-
जरूरतमंद नागरिकों,
-
सांस्कृतिक धरोहर
की सुरक्षा और सेवा के प्रति जागरूक करना है।
इसके अतिरिक्त रक्षक आर्मी मंच के माध्यम से रोजगार, जनसुविधा, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े विषयों को उठाने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई है।
मीडिया एवं जनजागरूकता
अपने सामाजिक संदेशों को अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए डॉ. सिंह मीडिया माध्यमों का भी उपयोग करते हैं।
उनसे जुड़े प्रयासों में:
-
डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म
-
फेसबुक एवं यूट्यूब आधारित जनसंचार
-
रक्षक प्रहरी पत्रिका
जैसे माध्यम शामिल हैं।
इनका उद्देश्य पर्यावरण, स्वास्थ्य, सामाजिक समस्याओं, धार्मिक आयोजनों और जनहित से संबंधित विषयों पर जागरूकता बढ़ाना है।
फिल्म निर्माण एवं रचनात्मक कार्य
समाज तक सकारात्मक संदेश पहुँचाने के उद्देश्य से डॉ. जितेश कुमार सिंह ने फिल्म और मनोरंजन क्षेत्र में भी कार्य किया है।
J Star Films से जुड़ी परियोजनाओं में प्रमुख रूप से:
हरी शबनम
एक सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म, जिसमें जाति और धर्म के आधार पर होने वाले सामाजिक भेदभाव के प्रभावों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।
वंश वीरू
J Star Films से जुड़ी एक अन्य फिल्म परियोजना।
भाभीजी स्माइल
मनोरंजन और सामाजिक संवाद के उद्देश्य से विकसित धारावाहिक परियोजना।
उनका मानना है कि सिनेमा और डिजिटल मीडिया समाज में सकारात्मक संदेश पहुँचाने के प्रभावशाली माध्यम हैं।
सामाजिक दृष्टिकोण
डॉ. जितेश कुमार सिंह की सामाजिक सोच के प्रमुख आधार हैं:
-
स्वस्थ नागरिक
-
स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण
-
वृक्ष और जैव विविधता संरक्षण
-
स्वच्छ नदियाँ
-
युवा सशक्तीकरण
-
महिला सम्मान
-
धार्मिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण
-
सामाजिक सहयोग
-
जरूरतमंद लोगों की सहायता
-
जनजागरूकता
वे आधुनिक विकास और भारतीय पारंपरिक ज्ञान के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हैं।
भविष्य की परिकल्पना
भविष्य में डॉ. जितेश कुमार सिंह अपने कार्यों को अधिक व्यापक स्तर तक ले जाना चाहते हैं।
उनकी प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:
-
जंगलिश्वर धाम को अधिक हरित और पर्यावरण-अनुकूल परिसर के रूप में विकसित करना
-
नवग्रह एवं नक्षत्र आधारित वनस्पति क्षेत्र का विस्तार
-
औषधीय पौधों की अधिक प्रजातियों का संरक्षण
-
धार्मिक आयोजनों के साथ स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान
-
पौधरोपण और वृक्ष संरक्षण का विस्तार
-
युवा नेतृत्व विकास
-
महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम
-
नदी एवं जल संरक्षण
-
सामाजिक सेवा नेटवर्क का विस्तार
-
मीडिया और फिल्मों द्वारा जनजागरूकता
निष्कर्ष
डॉ. जितेश कुमार सिंह का व्यक्तित्व शिक्षा, इतिहास, व्यावसायिक अनुभव, आयुर्वेद प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण, अध्यात्म, समाज सेवा, संगठन निर्माण और रचनात्मक मीडिया का एक व्यापक संगम प्रस्तुत करता है।
जंगलिश्वर धाम में नवग्रह, 27 नक्षत्रों से जुड़े पौधों, औषधीय प्रजातियों, धार्मिक आयोजनों, गोमती आरती और सर्वरोगहर सार्वजनिक गणेशोत्सव जैसी पहलों के माध्यम से वे प्रकृति, अध्यात्म और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
सुरभि जन कल्याण एवं विकास संस्थान, भारत शक्ति युवा संगठन, रक्षक सेना, रक्षक आर्मी मंच, रक्षक प्रहरी और J Star Films जैसे प्रयास उनके बहुआयामी जनसेवा दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
उनके कार्य का केंद्रीय संदेश है कि—
“धर्म हमें प्रकृति से जोड़ता है, प्रकृति हमें स्वास्थ्य देती है और स्वस्थ एवं जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करता है।”